Maharana Pratap और हल्दी घाटी का युद्ध

महाराणा प्रताप (Maharana Pratap)

Maharana Pratap ( महाराणा प्रताप ) मेवाड़ के शासक थे जो आज के समय में राजस्थान राज्य के राजसमन्द जिले के अंदर पड़ता है, maharana Pratap ( महाराणा प्रताप )का  जन्म 9 मई 1540 को राजस्थान के कुंभलगढ़ में हुआ था पिता का नाम उदय सिंह द्वितीय और उनकी माता का नाम महारानी जयवंता बाई था,

उस समय महाराणा प्रताप (Maharana Pratap )ही एक ऐसे शासक हुआ करते थे जो मुगल बादशाह अकबर को टक्कर देते थे, तो जानते हैं कुछ रोचक तथ्य महाराणा प्रताप के बारे में……

 

हल्दीघाटी युद्ध

 

हल्दीघाटी के युद्ध को भारत के इतिहास का बहुत ही भीषण युद्ध माना जाता है जो अकबर और महाराणा प्रताप के बीच में हुआ था यह युद्ध 18 जून 1806 में लड़ा गया था इस युद्ध की एक खास बात और थी दोस्तों कि इस युद्ध में महाराणा प्रताप (Maharana Pratap )के पास सिर्फ 20000 सैनिक थे और अकबर की सेना में 85000 से भी ज्यादा सैनिक थे जिसका नेतृत्व मानसिंह कर रहा था लेकिन अपने सामने इतनी बड़ी सेना को देखने के बाद भी महाराणा प्रताप ने हार नहीं मानी और मुगल सल्तनत के सामने हार नहीं मानी और अपनी स्वतंत्रता के लिए उन्होंने यह युद्ध लड़ा ।

इस युद्ध को लेकर आज भी काफी बहस होती है कि यह युद्ध अकबर ने जीता है या महाराणा प्रताप ने ? जिसको लेकर काफी सबके सामने आए और अंत में यह निष्कर्ष निकला कि यह युद्ध किसी ने भी नहीं जीता, क्योंकि इस युद्ध में महाराणा प्रताप (Maharana Pratap )  की मुगल सेना अकबर सेना पर बहुत भारी पड़ रही थी और और अंत में महाराणा प्रताप की रणनीति सफल रही।

 

राणा सांगा एक ऐसा शासक जो सिर कटने के बाद भी लड़ता रहा ।

 

हल्दीघाटी के युद्ध के बाद 

घाटी के युद्ध के बाद में मेवाड़ पर मुगलों का कब्जा हो गया और सारे राजपूत राजाओं ने मुगलों की अधीनता स्वीकार कर ली, लेकिन महाराणा प्रताप (Maharana Pratap) ही एक ऐसे  कैसे शासक थे जिन्होंने मुगलों की अधीनता स्वीकार नहीं थी और वह दर बदर की ठोकरें खाने को मजबूर हो गए, और इससे भी उन्होंने हार नहीं मानी और उन्होंने फिर से अपनी शक्ति को जुटाना शुरू कर दिया ।

1 thought on “Maharana Pratap और हल्दी घाटी का युद्ध”

Leave a Comment